
ब्रेकिंग न्यूज | छुरा लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल में फिर जच्चा-बच्चा की मौत!
मोबाइल बंद, शव गायब — अस्पताल प्रबंधन की भूमिका संदिग्ध
छुरा नगर के लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल से एक बार फिर मानवता को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता महिला और उसके नवजात बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, लेकिन मामला यहीं नहीं थमता—परिवार वालों का मोबाइल बंद है और जच्चा-बच्चा दोनों के शव रहस्यमय तरीके से गायब बताए जा रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मौत के बाद न तो परिजनों को स्पष्ट जानकारी दी गई, न ही किसी तरह की वैधानिक प्रक्रिया का पालन होता दिख रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला दबाने की कोशिश की जा रही है।
शव गायब, जवाब नदारद
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रसूता और नवजात के शव अस्पताल परिसर में नहीं है तो गया कहा जबकि मौत अस्पताल में ही होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि
शव कहां गया तो गया कहा यह पुलिस जांच का विषय है ?
किसके आदेश पर हटाए गए?
क्या बिना पोस्टमार्टम ही अंतिम संस्कार कराने की तैयारी है ?
सूत्रों से पता चला है की अस्पताल प्रबंधन मामले को दबाने परिवार वालों को मोटी रकम का लालच दे रही है
पहले भी हो चुका है बड़ा खुलासा
यह पहला मामला नहीं है जब लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल विवादों में आया हो। इससे पहले मैनपुर ब्लाक के कुल्हाड़ीघाट की एक आदिवासी महिला की मौत के बाद प्रशासन ने इस अस्पताल को सील किया था। उस समय भी लापरवाही, अव्यवस्था और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे थे।
अब एक बार फिर जच्चा-बच्चा की मौत ने यह साबित कर दिया है कि अस्पताल प्रबंधन ने पूर्व घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया
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